Shaan-e-Jhansi
Mr. Manish Rawat
पारिवारिक जीवन :
22 अक्टूबर 1984 को कानपुर में जन्मे एव जन्म के कुछ दिनों बाद से ही झांसी में निवास कर रहे मनीष रावत के पिता का नाममान सिंह रावत, माता का नाम श्रीमती रामकुमारी रावत ( सेवा निवृत्त- बाल विकास परियोजना विभाग बांदा) एवं भाईयो का नाम आशीष रावत (कपड़ा व्यापार) व संदीप रावत (सेवारत सिंचाई विभाग माता टीला) है। आपका विवाह एक दिसम्बर 2016 को सम्पन्न हुआ. ससुराल झांसी में है। आपके पुत्र का नाम वैदिक है आपके पिता जी सिचाई विभाग में सेवारत थे
About Me
अपनी सरलता व व्यवहारिकता के चलते कुछ ही वर्षों में झांसी में अपनी बेहतर पहचान बनाने वाले युवा व्यापारी अ नेता एवं समाज सेवी मनीष रावत एक ऐसा नाम है। जिन्होंने व्यापार, समाज सेवा, राजनीति, खेलकूद व अन्य क्षेत्रों में अपनी कर्तव्यनिष्ठता के चलते सम्मानपूर्ण स्थान बनाकर झांसी की प्रगति में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई है। आप सीपरी बाजार झासी स्थित चर्चित शूट एवं शेरवानी शोरूम "श्रीमान जी न प्वाइंट के संचालक समेत कई शोरूमों के संचालक व कर्ताधर्ता है।
सामाजिक योगदान : पालीटेक्निक एवं आई. टी. आई. की शिक्षा प्राप्त मनीष रावत का ननिहाल कानपुर है। 2002 में आपके पिता कार आकस्मिक निधन हो गया जिस कारण प्रारंभ में आपको संघर्ष झेलना पड़ा, 2010 में आपने कानपुर में कल फैक्ट्री लगायी जिसमें भारी उकसान हो गया और उस नुकसान की भरपाई के लिए आपको अपना घर तक बेचना पड़ा। कहते है मंजित और सफलता उन्हें ही मिलती है जो अपने ईद के पहले व हौसलों से मजबूत होते हैं। आप अपने पक्के इरादों का सहारा लेते हुये 2012 में गारमेन्टस सेक्टर में आये और सबसे पहले आपने बोनी गुरुद्वारा के पालन प्वाइंट के नाम से मैन्स वियर की शॉप खोली, 2013 में टन्डन रोड सीपनी बाजार में केशशन प्वाइंट की दूसरी ब्राच खोली, 2014 में तीसरी ब्रांच खोली जिसे फैशन प्वाइंट पार्टी वियर आउटलेट नाम दिया और 2015 में टण्डन रोड पर ही "श्रीमान जी कैपान वाइंट या भव्य शोरूम खोलकर सम्पूर्ण झांसी में अपनी सफलता के लिए चर्चा में गये। उक्त शोरूम में दूल्हे राजा व बरावियों का सम्पूर्ण कलेक्शन एवं सूट शेरवानी, इंडो वेस्टर्न ड्रेस, कुर्ता पायजामा, पगड़ी, तलवार सब कुछ मिलता है। आपके इस शोरूम में सैकड़ों प्रकार की आकर्षक शेरवानिया व सूट उपलब्ध है। विशेष बात यह है जो लोग आर्थिक अभाव में महगी शेरवानिया व सूट खरीद नहीं पाते हैं उनके लिए इस शोरूम पर किराये से भी दूल्हे की शेरवानी मिलती है। आपका मानना है कि गरीब परिवार के लोग आर्थिक अभाव में महंगे कपड़े शादी के लिए नहीं चाँद पाते हैं। यह लोग हमारे यहां आकर किराये पर अपनी मन पसंद की शेरवानी व सूट लेकर अपना शौक पूरा करते हैं और उनके चेहरे को खुशी ही हमारे लिए ईश्वर का वरदान है।
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